Mount Everest : लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण कम होने की वजह से सोशल मीडिया पर प्रकृति के विभिन्न स्वरूपों की तस्वीरें वायरल हो रही है। वहीं इसी कड़ी में ट्विटर पर एक महिला यूजर ने बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक गाँव सिंहवाहिनी से माउंट एवरेस्ट दिखने का दावा किया है। बता दें कि इससे पहले सोशल मीडिया पर पंजाब के जालंधर और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से हिमालय की बर्फीली पहाड़ियों की तस्वीरें काफी वायरल हुई थी।

ट्विटर पर रितु जयसवाल नाम की एक यूजर ने यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “हम सीतामढ़ी जिले के अपने गाँव सिंहवाहिनी में अपने छत से माउंट एवरेस्ट देख सकते हैं आज। प्रकृति खुद को संतुलित कर रही है। नेपाल के नज़दीक वाले पहाड़ तो बारिश के बाद साफ मौसम में कभी कभी दिख जाते थे। असल हिमालय के दर्शन अपने गाँव से आज पहली बार हुए।”
हम सीतामढ़ी जिले के अपने गाँव #सिंहवाहिनी में अपने छत से #MtEverest देख सकते हैं आज। प्रकृति खुद को संतुलित कर रही है। नेपाल के नज़दीक वाले पहाड़ तो बारिश के बाद साफ मौसम में कभी कभी दिख जाते थे। असल हिमालय के दर्शन अपने गाँव से आज पहली बार हुए।#NatureisBalancing@KashishBihar pic.twitter.com/Ss3UHAzxWN
— Ritu Jaiswal (@activistritu) May 4, 2020
वहीं जब सोशल मीडिया पर लोगों ने इस बात का पुख्ता सबूत मांगा तो इस पर यूजर ने लिखा, “हम लोगों ने पूर्णतः वेरिफाई कर के डाला है। विशेषज्ञों से भी राय ले ली गई है। मैप देखिये। हम लोगों ने ठीक इसी दिशा में देखा है।”
जी कैसे नितेश जी? हमलोगों ने पूर्णतः वेरिफाई कर के डाला है। विशेषज्ञों से भी राय ले ली गई है। मैप देखिये। हमलोगों ने ठीक इसी दिशा में देखा है। pic.twitter.com/hVi7qbKbdh
— Ritu Jaiswal (@activistritu) May 5, 2020
यूजर ने अपने गांव सिंहवाहिनी के बारे में एक और रोचक बात बताते हुए लिखा, “हमारे गाँव की एक और खूबसूरती है। बगुले के ऊपर ध्यान से देखने पर काले काले आपको लटके हुए फल जैसे कुछ और दिख रहे होंगे। वो flying fox हैं, बड़े वाले चमगादड़। जिसे हमारे यहाँ देहात में बनचट कहते हैं। इनका वजन औसत 1 kg तक होता है और अपने डायने को 1 मीटर तक फैला लेते हैं।”
हमारे गाँव की एक और खूबसूरती है। बगुले के ऊपर ध्यान से देखने पर काले काले आपको लटके हुए फल जैसे कुछ और दिख रहे होंगे। वो flying fox हैं, बड़े वाले चमगादड़। जिसे हमारे यहाँ देहात में बनचट कहते हैं। इनका वजन अवसत 1 kg तक होता है और अपने डायने को 1 मीटर तक फैला लेते हैं।
— Ritu Jaiswal (@activistritu) May 6, 2020
वहीं, IFS प्रवीन कासवान ने बिहार से माउंट एवरेस्ट दिखने के महिला यूजर के दावे पर ट्वीट किया:
Now some are saying what about curvature of earth. Then curvature of earth from this place allows the Mt Everest to be visible. If only visibility permits. Still not saying it must be Everest. But no better alternative theory has been yet suggested. pic.twitter.com/rJC5LIFYWH
— Parveen Kaswan, IFS (@ParveenKaswan) May 5, 2020