Uttarakhand Police: उत्तराखंड के मैदानी जिलों में नौकरी कर रहे पुलिसकर्मियों को अब चढ़ना होगा पहाड़, नहीं चलेगी कोई सिफारिश

Uttarakhand Police: Police personnel soon would be transferred to hilly region

Uttarakhand Police: उत्तराखंड में लंबे समय से मैदानी जिलों में नौकरी कर रहे पुलिसकर्मियों को अब पहाड़ भेजा जाएगा। DIG नीरू गर्ग ने गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस कप्तानों से अपनी समय अवधि पूरी करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची मुहैया कराने के आदेश जारी किए है। वैसे तो समय-समय पर पुलिसकर्मियों के तबादले हो जाते हैं मगर कुछ पुलिसकर्मी किसी तरह पोस्टिंग रोकने में कामयाब हो जाते हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने उत्तराखंड डीजीपी का चार्ज लेने के बाद स्थानांतण नीति में कुछ बदलाव किया था। इसके तहत मैदानी जिलों में आठ साल की सेवा पूरी करने वाले दरोगाओं, बारह साल पूरा करने वाले हेड कांस्टेबल और सोलह साल पूरा करने वाले सिपाही को पहाड़ी जिलों में तैनात किया जाएगा।

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डीजीपी ने साफ तौर पर कहा था कि पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण को लेकर किसी की भी सिफारिश नहीं चलेगी और पुलिसकर्मियों को अपरिहार्य स्थिति में ही रोका जा सकता है। इसके लिए बाकादया अनुमति लेनी होगी। इसी आदेश के बाद रेंज स्तर पर भी हलचल शुरू हो गई है। 

डीआईजी नीरू गर्ग ने देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र भेजकर पुलिस कर्मियों की सूची मांगी है। जिनकी नियमावली के तहत जिलों में तैनाती को लेकर निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है। फरवरी पहले सप्ताह में सूची डीआईजी कार्यालय तक भेजी जाएगी। 

कई एसओ और चौकी प्रभारी जाएंगे:देहरादून।

राजधानी में चार थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर समेत कई चौकी प्रभारियों का समय आठ साल से अधिक हो चुका है। माना जा रहा है इस प्रक्रिया के दौरान दून में तैनात कई एसओ और चौकी प्रभारी का तबादला होना तय है। गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस कप्तानों से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है जिनकी ड्यूटी की निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है। परिक्षेत्र के पुलिस कप्तानों से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है जिनकी ड्यूटी की निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है।

नीरू गर्ग, डीआईजी गढ़वाल 

बता दें कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के दुर्गम इलाकों में पुलिस कर्मी भी अन्य विभाग के कर्मचारियों की तरह नौकरी करने से कतराते हैं।

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