IIT Roorkee: आईआईटी रुड़की में एक अगस्त से लागू होगी नई शिक्षा नीति, 1916 छात्रों को मिलेंगी डिग्रियां

IIT Roorkee: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की (आईआईटी रूड़की) स्नातक छात्रों के लिए रूड़की परिसर के कन्वोकेशन हॉल में संस्थान का दीक्षांत समारोह-2023 समारोह आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। दीक्षांत सामारोह में कुल, 1916 छात्र-छात्राओं को उपाधि मिलेगी। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)- 2020 के अनुरूप संशोधित स्नातक पाठ्यक्रम एक अगस्त से नए छात्रों के लिए लागू हो जाएगा।

रुड़की आईआईटी के सीनेट हॉल में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान निदेशक प्रोफेसर पंत ने कहा 176 साल पुराना यह प्रमुख संस्थान देश में तकनीकी शिक्षा का नेतृत्व कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन में भी संस्थान सर्वप्रथम है। संस्थान ने हाल ही में एनईपी 2020 के अनुरूप अपने स्नातक पाठ्यक्रम को संशोधित किया है। जिसके तहत संस्थान नए स्नातक पाठ्यक्रम को शुरू कर रहा है। जिसकी शुरुआत नए यूजी छात्रों से होगी जो,1 अगस्त, 2023 को संस्थान से जुड़ रहे हैं।

कौशल विकास एवं उद्यमिता पर जोर देने के साथ, नया पाठ्यक्रम छात्रों को अत्यधिक लचीले ढांचे में बहु-विषयक और समग्र शिक्षा के अवसर प्रदान करता है। पाठ्यक्रम संशोधन दर्शन ‘स्टेप्स’ (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, परियोजना- आधारित शिक्षा और सामाजिक जुड़ाव ) पर आधारित था । तदनुसार, जहां संस्थान अपने छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में अनिवार्य पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है, वहीं यह छात्रों को ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली’ पर पाठ्यक्रम भी पढ़ा रहा है।

नए पाठ्यक्रम में सभी कार्यक्रमों में छात्र भौतिकी, गणित और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के अलावा सॉफ्ट स्किल्स, टिंकरिंग और मेंटरिंग, डेटा साइंस, भारतीय ज्ञान प्रणाली, पर्यावरण विज्ञान और स्थिरता व सामुदायिक आउटरीच पर पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे। छात्रों को उद्योग के सहयोग से व्यावसायिक कौशल विकसित करने में भी सक्षम बनाया जाएगा। इसके अलावा संस्थान ने अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से क्रेडिट ट्रांसफर, यूजी, मास्टर्स एवं पीएचडी छात्रों के लिए सेमेस्टर एक्सचेंज प्रोग्राम, वैश्विक भागीदारों के साथ संयुक्त और दोहरी उपाधि कार्यक्रम के प्रावधान बनाए हैं।

इस मौके पर उत्तराखंड में कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्रीय निदेशक रवि चिलुकोटी ने प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में छात्रों को रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल से लैस करने के महत्व पर बल दिया। साथ ही एनआईटी उत्तराखंड के निदेशक प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने बहु-विषयक दृष्टिकोण को अपनाने, छात्रों के बीच नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने में संस्थान की पहल पर चर्चा की। उन्होंने एनईपी के मूल सिद्धांतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा, उद्योग और सरकार सहित विभिन्न क्षेत्रों से हाथ मिलाने और संसाधनों को एकत्रित करने के महत्व पर जोर दिया। वहीं इस मौके पर आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. यूपी सिंह, डीन, विभागाध्यक्ष और फैकल्टी उपस्थित रहे।

आईआईटी का दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को होगा। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले समारोह में बॉश ग्लोबल सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज के सीईओ, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक दत्तात्रि सलागामे मुख्य अतिथि होंगे। इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के कुल,1916 छात्रों को डिग्रियां दी जाएंगी। 

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