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पृथ्वी पर मंडरा रहा एक और बड़ा खतरा, धरती का चुंबकीय क्षेत्र हो रहा है कमजोर ,सैटेलाइट और अंतरिक्ष यानों पर मंडरा रहा है खतरा

Earth’s Magnetic field : कोरोना महामारी का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है कि एक और बड़ा संकट दुनिया के सामने है। हम सभी ने पढ़ा है कि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र हमें सौर विकिरण ( solar radiation) से बचाता है। लेकिन यह चुंबकीय क्षेत्र अब कमजोर हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र पिछली दो शताब्दियों में अपनी 10 फीसद तीव्रता खो चुका है।

  यह उल्लेखनीय है कि पृथ्वी पर जीवन के लिए चुंबकीय क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी को सूर्य से होने वाले विकिरण और अंतरिक्ष से निकलने वाले आवेशित कणों ( charged particles) से बचाता है। अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के बीच दक्षिण अटलांटिक विसंगति (South Atlantic Anomaly) के रूप में जाना जाने वाला एक बड़ा क्षेत्र, वहां इसमें तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 50 वर्षों में, इस क्षेत्र में एक बड़े हिस्से में तेजी से गिरावट देखी गई है।

Earth’s Magnetic field : अलग-अलग चुंबकीय संकेतों को पहचान और माप

  यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के वैज्ञानिक स्वार्म डेटा, इनोवेशन एंड साइंस क्लस्टर (DISC) से विसंगति पास स्टडी करने के लिए ESA के स्वार्म सैटैलाइट के डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं।ये स्वार्म सैटैलाइट पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को बनाने वाले अलग-अलग चुंबकीय संकेतों को पहचान और माप सकते हैं। विगत पांच सालों में, अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिम की तरफ कम तीव्रता का एक दूसरा केंद्र विकसित हुआ है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि इसका मतलब यह हो सकता है कि विसंगति दो अलग-अलग कोशिकाओं में विभाजित हो सकती है।


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