Badrinath Dham: रामचरित मानस विवाद के बाद साधु संतों पर आपत्तिजनक बयान देने वाले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने अब बद्रीनाथ धाम को लेकर विवादित बयान दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बद्रीनाथ 8वीं सदी तक बौद्ध धर्मस्थल था और बौद्ध धार्मिक स्थल खत्म करके बद्रीनाथ मंदिर बनाया गया है। जिसके बाद मौर्य के इस बयान का उत्तराखंड में चौतरफा विरोध देखने को मिल रहा है।
सामजवादी पार्टी के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तराखंड के पवित्र धार्मिक स्थल बद्रीनाथ धाम को बौद्ध मठ बताया। मौर्य ने अपने बयान में कहा कि बद्रीनाथ 8वीं सदी तक बौद्ध धर्म स्थल था जिसके बाद बौद्ध मठ को खत्म करके वहां बद्रीनाथ मंदिर बनाया गया। बता दें इस से पहले भी पवित्र ग्रन्थ रामचरितमानस पर भी मौर्य ने विवादित बयान दिया था जिसमें उन्होंने महाकाव्य रामचरितमानस के कुछ प्रसंगों में वर्णवादी सोच और भेदभावपरक वर्ण व्यवस्था के समर्थन वाले शब्दों को हटाने की मांग की थी। अर्थ का अनर्थ करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है जिसके बाद उत्तराखंड में चौतरफा विरोध देखने को मिल रहा है।
आखिर मिर्ची लगी न, अब आस्था याद आ रही है। क्या औरों की आस्था, आस्था नहीं है? इसलिए तो हमने कहा था किसी की आस्था पर चोट न पहुँचे इसलिए 15 अगस्त 1947 के दिन जिस भी धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, उसे यथास्थिति मानकर किसी भी विवाद से बचा जा सकता है। अन्यथा ऐतिहासिक सच स्वीकार करने के…
— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) July 28, 2023
सीएम ने किया कटाक्ष
स्वामी प्रसाद मौर्य विवादित बयान पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कटाक्ष करते हुए समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, बदरीनाथ धाम दुनिया भर के लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है और (सपा नेता) द्वारा दिया गया बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि वह जिस गठबंधन का हिस्सा हैं, उनके लिए ऐसे बयान देना स्वाभाविक है।
सीएम ने मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि कम से कम स्वामी प्रसाद मौर्य को ऐसे बयान देने से पहले ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनके नाम के आगे स्वामी है। और महागठबंधन के एक सदस्य के रूप में सपा के एक नेता की ओर से दिया गया यह बयान कांग्रेस और उसके सहयोगियों की देश व धर्म विरोधी सोच को दर्शाता है।वहीं सीएम ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि सपा के सर्वोच्च नेता की पत्नी श्रीमती डिंपल यादव जी जो उत्तराखण्ड की बेटी हैं, मैं चाहूंगा कि वे ऐसी विघटनकारी सोच रखने वाले अपनी पार्टी के नेता को अवश्य जवाब दें।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र भू बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम पर समाजवादी पार्टी के नेता द्वारा की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 27, 2023
"महाठगबंधन" के एक सदस्य के रूप में समाजवादी पार्टी के एक नेता द्वारा दिया गया यह बयान कांग्रेस और उसके सहयोगियों की देश व धर्म विरोधी सोच को…
विश्व के करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के केंद्र बिंदु एवं चार धामों में से एक भू बैकुण्ठ श्री बदरीनाथ धाम के अस्तित्व पर @samajwadiparty के नेता द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी की मैं घोर निन्दा करता हूं।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 28, 2023
समाजवादी पार्टी के सर्वोच्च नेता की पत्नी श्रीमती डिंपल यादव जी जो उत्तराखण्ड… pic.twitter.com/3N7ojcLmnc
मौर्य के बयान पर साधु-संतो में रोष
सपा के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बदरीनाथ पर दिए विवादित बयान के बाद से साधु-संतों में रोष है। मौर्य के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि “यह मौर्य का अल्प ज्ञान है। विष्णु पुराण में उल्लेख है कि बदरीनाथ धाम नर-नारायण का स्थान है। महाभारत में भी इसका उल्लेख है। इससे साबित होता है कि सनातन काल से ही यह स्थान हिंदू धर्मस्थल रहा है। बदरिकाश्रम क्षेत्र में अन्य किसी का प्रवेश वर्जित रहा है, ऐसे में उसे बौद्ध धर्मस्थल बताना सरासर गलत है।”