Bajrang Setu: 68 करोड़ की लागत से बनने वाला ऋषिकेश का बजरंग सेतु 2024 की शुरूआत में आवाजाही के लिए तैयार हो जाएगा। 2022 की शुरुवात से चल रहे इस पुल के निर्माण कार्य 70 फीसदी पूरा हो गया है।
2024 की शुरूआत कुछ ज्यादा ही ख़ास रहने वाली क्योंकि इस साल कई महत्वपूर्ण लक्ष्य पूरे होने को हैं। जहां एक ओर अयोध्या में राम लला के दर्शन 2024 में होने की बात सामने आ रही है, तो वहीं उत्तराखंड में बजरंग सेतु पर्यटकों के लिए तैयार हो जाएगा। दरअसल, उत्तराखंड ऋषिकेश स्थित लक्ष्मणझूला पुल 92 साल पुराना हो गया। जिसकी स्थित समय के साथ और भी जर्जर बनती जा रही थी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पिछले साल यह पुल आवाजाही के लिए बंद कर दिया था। पुल के बंद होने से स्वर्गाश्रम और तपोवन क्षेत्र के बीच से पर्यटको और स्थानीय लोगों की आवाजाही कराई जा रही है।
आवाजाही के बीच आ रही दिक्कतों और पुल की जर्जर स्थिति को दृष्टिगत करते हुए प्रशासन द्वारा लक्ष्मणझूला पुल के पास ही बजरंग सेतु का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसका करीब 70 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। 68 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पारदर्शी पुल का नर्माण कार्य पिछले वर्ष जनवरी महीने में शुरू किया गया था। जो कि अब आगामी वर्ष के जनवरी महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर के अधिकारियों का कहना है कि, “पुल का स्ट्रक्चर चंडीगढ़ में तैयार कर दिया गया है। जिसके अधिकांश पार्ट्स भी पहुंच चुके हैं। अभी कुछ सिविल वर्क रह गया है। जो इस वर्ष के दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगा। अगले वर्ष जनवरी के प्रथम सप्ताह से पुल पर आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि, पुल का निर्माण इसी साल जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य था।”
तीर्थनगरी ऋषिकेश की सुंदरता बढ़ाने के लिए पुल के दोनों ओर कांच के फुटपाथ होंगे। जिनके किनारों पर 65 MM मोटे कांच से डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। वहीं पुल के टावर पर केदारनाथ धाम की आकृति होगी।