Home National जब PM कार्यालय, पोस्टल विभाग और पुलिस 1000 किलोमीटर दूर एक मरीज...

जब PM कार्यालय, पोस्टल विभाग और पुलिस 1000 किलोमीटर दूर एक मरीज की दवाई पहुंचाने में जुट गए..

देशव्यापी कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान शासन से लेकर प्रशासन के कई मानवीय रूप देखने को मिले हैं। अभी हाल ही में एक ऐसा ही किस्सा हुआ है, जब प्रधानमंत्री कार्यालय, पोस्टल विभाग और पुलिस प्रशासन 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूर एक किडनी की बीमारी से पीड़ित महिला मरीज की दवाई पहुंचाने में जुट गए।

इस घटना की रिपोर्ट स्मृति ईरानी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर साझा की है।

मुम्बई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के लोखंडवाला निवासी, 62 वर्षीय रेनू श्रीवास्तव पिछले 16 सालों से किडनी की बीमारी के लिए दिल्ली के एक स्पेशलिस्ट डॉक्टर से दवाई ले रही थी। पिछले महीने लॉकडाउन की वजह से डॉक्टर उन्हें दवाई नहीं भेज पाए। पत्नी की तबियत के बारे में चिंतित पति दिनेश श्रीवास्तव ने इस संबंध में 15 अप्रैल को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को एक ईमेल लिखा।

इस बात पर महिला ने अपने पति से हँसते हुए कहा, “इस वक़्त प्रधानमंत्री और उनकी टीम के पास काम करने के लिए और भी महत्वपूर्ण कार्य हैं। मुझे संदेह था कि किसी ने भी मेल नहीं पढ़ा होगा।”

Read Aldo: 131 KL Rahul के बीच एक Virat Kohli को ढूँढने का चैलेंज, मज़ाक़ या सच देखें.. ICC ने दिया ढूंढने का चैलेंज

“लेकिन तीन दिन बाद उन्हें दिल्ली से एक फोन आया। फोन पर कोई सहायक पुलिस निरीक्षक थे। जिन्होंने बताया कि मेल में जिस डॉक्टर का नाम लिखा है, उनसे बात हो गई है और कल हमारा एक अधिकारी उनसे दवाई ले लेगा” महिला ने मुंबई मिरर को बताया।

अगले ही दिन दवाई का पैकज दिल्ली से भेज दी गया और बाकायदा उनके पति को व्हाट्सएप्प पर बिल भी भेजा गया। इस बीच वे स्थानीय पोस्टमास्टर के संपर्क में भी थे, जिन्होंने उन्हें दवाई पहुंचने की सूचना दी। आखिरकार उनकी दवाई 22 अप्रैल को उनके पास पहुंच गई।

उन्होंने पीएमओ से लेकर पुलिस और डाक कर्मचारी सभी लोगों का आभार जताया। खासकर की पुलिसकर्मी का जिन्होंने दवा के पैसे लेने से भी इनकार कर दिया। इस पर महिला ने कहा कि “उन्होंने हमसे या फिर डॉक्टर से दवाई के रुपये नहीं लिए। हालांकि, दवाई की कीमत केवल 100 रुपये थी, लेकिन उनका यह भाव हमारे लिए लाखों का था।” उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि किस तरह देश के सर्वोच्च कार्यालय (PMO) में आम जनता द्वारा भेजे गए मेल को पढ़ा जा रहा है, और साथ ही उनका जवाब भी दिया जा रहा है।


WeUttarakhand की न्यूज़ पाएं अब Telegram पर - यहां CLICK कर Subscribe करें (आप हमारे साथ फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर जुड़ सकते हैं)

Latest Updates

वर्ल्ड कप की मेजबानी करने वाला स्टेडियम, खेत की तरह दिख रहा है, 2 फीट लंबी घास से भरा मैदान

खेत जैसा नजर आता है वो मैदान जिस पर कभी वर्ल्ड कप का मैच हुआ था। पटना के मोइनुल हक स्टेडियम(Moin-ul-Haq Stadium),...

Mirzapur Season 2: जानिए आखिर ट्विटर पर क्यों ट्रेंड हो रहा है बॉयकॉट मिर्ज़ापुर 2, गुड्डू भैया से जुड़ा है मामला.. पढ़ें

लंबे इंतजार के बाद अमेज़न प्राइम वीडियो ने सोमवार को मिर्जापुर के दूसरे सीज़न की रिलीज़ डेट की घोषणा की। लेकिन मंगलवार...

भूमि पूजन: अयोध्या को सील करने की तैयारी, 4 अगस्त को नहीं मिलेगा किसी को भी प्रवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में श्री राम मंदिर की भूमि पूजन के लिए पहुंचेंगे इस को ध्यान में रखते...

1983 वर्ल्ड कप चैंपियन भारतीय क्रिकेट टीम को कितने पैसे मिलते थे जानिए

दिग्गज पाकिस्तानी क्रिकेटर रमीज राजा ने 1983 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम की पे-स्लिप शेयर की है। कपिल देव की कप्तानी...

हाईस्कूल में फेल हुई छात्रा ने पिया जहर, वहीं पिथौरागढ़ में छात्रा ने की फांसी लगाकर आत्महत्या

उत्तराखंड के नैनीताल में हाईस्कूल में फेल होने के बाद गवर्नमेंट इंटर कॉलेज बाजुनियाहल्लु की एक छात्रा ने आत्मघाती कदम उठाया। दरअसल,...