देवभूमि के मेजर सूद ने 3 मई को परिवार से घर लौटने का वादा किया था, मगर तिरंगे में लिपटे घर पहुंचे

Martyr Major Anuj Sood

देश में कोरोना संकट के बीच जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों की आतंकियों से जंग जारी है। शनिवार देर रात को हंदवाड़ा में हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के 4 जवान और जम्मू कश्मीर पुलिस का 1 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। इन शहीदों में से एक थे देवभूमि हिमाचल के मेजर अनूज सूद।

फौजी परिवार से सम्बंध रखने वाले शहीद मेजर अनूज सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले थे। हालांकि, वर्तमान में उनका परिवार चंडीगढ़ में रहता है। उनके पिता ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद के पद से रिटायर हो चुके हैं। मेजर सूद की शादी अभी 2 साल पहले ही हुई थी। शहीद पति का ताबूत में तिरंगे से लिपटा शव देखकर पत्नी फूट-फूट कर रो पड़ी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहीद मेजर अनुज सूद के पिता बताते हैं कि बेटे ने 3 मई को लॉकडाउन खत्म होने के बाद छुट्टी लेकर घर आने का वादा किया था। मेजर सूद परिवार से निभाया वादा पूरा नहीं कर सके और देश सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

वहीं आज मंगलवार को ‘मेजर अनूज जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ उनके पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में शहीद हुए जवानों में 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा, नायक राजेश कुमार, लांस नायक दिनेश सिंह और जम्मू कश्मीर पुलिस के सगीर अहमद काजी भी शामिल थे।

वहीं, जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों पर हुए दूसरे आतंकी हमले में CRPF के कॉन्स्टेबल अश्वनी कुमार यादव, कांस्टेबल संतोष मिश्रा और कांस्टेबल चंद्र शेखर वीरगति को प्राप्त हो गए।


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